मुझको अपना प्यार बना लो
मुझको अपना प्यार बना लो । खूब संवरने सजने वाली नित नित रूप बदलने वाली सरगम सुनकर जगने वाली पारिजात सी खिलने वाली मेरे अंगने में आकर के तुम कोई त्यौहार मना लो । मुझको अपना प्यार बना लो । सूरज होकर छिपने वाली बनकर चांद चमकने वाली नॉवल लेकर चलने वाली पन्ने महज पलटने वाली खुद को थोड़ा खर्च करो और तुम मुझ पर अधिकार कमा लो । मुझको अपना प्यार बना लो । शिवम् सागर ।