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14 अगस्त

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एक देश जिसको लेकर एक दूसरे देश में इतने पूर्वग्रह, इतनी कम समझ है कि आप उसके बारे में बात करने भर से, उसको सुंदर कह देने भर देशद्रोही बन सकते हैं।  एक देश जो एक दूसरे देश से कुछ देर पहले आज़ाद हुआ पर उसके आक़ाओं ने उसे कई-कई बार ऐसे चलाया/खपाया जैसे वो उनके घर की जागीर हो।  एक देश जिसको लेकर एक दूसरे देश का एक वर्ग ये मान कर चलता है कि वहाँ सब बगल वाले देश को, उसके नागरिकों को बद्दुआएं ही दे रहे होंगे; ये मानता है कि वहाँ के लोग बेकार हैं। अजीब ये है कि वही वर्ग ये भी चाहता है कि ये देश उस देश पर आक्रमण कर कब्जा कर ले। मैं सोचता हूँ तब उस देश की जनता को कैसे स्वीकार करेंगे दूसरे देश वाले?  एक देश जिसमें खूबसूरत मौसिक़ी है, एक देश जिसमे खूबसूरत बाग़ीचे हैं, एक देश जिसमे खूबसूरत ईमारतें हैं, एक देश जिसमें अदबी लोग हैं।  एक देश जो एक दूसरे देश का खूबसूरत हमसफर हो सकता था पर दोनों ही देशों के सियासती चोंचलों ने दोनों को एक-दूसरे का दुश्मन बना दिया।  एक देश जिसके शहर एक दूसरे देश के शहरों के जुड़वा लगते हैं।  एक देश जहाँ बोली जाने वाली ज़बान लगभग एक दूसरे देश के...

मैं शहर छोड़ना चाहता हूँ

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'' मैं चाहता हूं कि ये शहर छोड़ दूं ''- माधव ने कहा और मैंने अनसुना करने की कोशिश की । '' तुम्हारा क्या ख्याल है ?''- वह जवाब चाहता था ।  '' किस बारे में ? ''-  मैंने उसे सवाल को बदलने का एक मौका सा दिया । '' मैं शहर छोड़ना चाहता हूं ''- माधव ने सवाल नहीं बदला । '' कहां जाओगे फिर ?''- सवाल वाजिब था । माधव की ख़ामोशी ने उसकी तरफ से जवाब दिया । मैंने कहना जारी रखा - ''शहर बदलना_ व्हाट्सएप की डीपी बदलने जैसा नहीं है ,,, कि मूड ऑफ हुआ और ब्लैक कर दी । तुम शहर छोड़ दोगे पर क्या ये शहर तुम को छोड़ देगा ? बी लॉजिकल ।''  '' भक् साला लॉजिक ! हमको लॉजिक समझा रहे हो ? लॉजिक समझाना है तो उसे समझाओ ! पूछो जाकर उससे कि मेरे साथ रात मे चौराहों में टहलने का क्या लॉजिक था ? कैफ़े में एक कॉफ़ी  के सहारे दो लोगों के बैठे रहने का क्या लॉजिक था ? रात के पौने दो बजे वीडियो कॉल में - ''गिटार सुनना है'' कह देना कौन सा लॉजिक है ? बताना भाई ! बता मुझे ! उसने गिटार की धुन सुनी और मैंने घर वालो...